राष्ट्रीय

प्रचार पर करोड़ों रुपए बहाकर गिरगिट दिल्ली में लड़ रही कोरोना से जंग।परिणाम जनता भुगतेगी।
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/ जिन मां-बाप का बेटा नालायक ,झूठा-मक्कार,निठल्ला,कामचोर और उनकी जीवन पूंजी से गुलछर्रे उड़ाना वाला हों तो उनकी मानसिक दशा क्या होगी?इसकाअंदाजा दिल्ली की जनता को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है।
 
पत्रकारिता तलवार की धार पर चलना है। पैसे के लिए झूठ-फरेब,चापलूसी करना तो दलाली है।
दिल्ली(अश्विनी भाटिया)/पहले माना जाता था कि पत्रकार पैदा होता है बनाया नहीं जा सकता और पत्रकारिता करना तलवार की धार पर चलने के समान है। आज के युग में पत्रकार और पत्रकारिता के सभी मायने बदल चुके हैं।हिन्दी पत्रकारिता दिवस की मां सरस्वती के मानस पुत्रों को हार्दिक शुभकामनाएं।आज के ही दिन 30 मई,1826 को पं0 युगुल किशोर शुक्ल ने भारत में प्रथम हिन्दी समाचार पत्र 'उदन्त मार्तण्ड 'का प्रकाशन आरम्भ किया था। इसीलिए इस दिन को भारत में हिन्दी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। पत्रकारिता की राह पर चलना किसी समय में तलवार की धार पर चलने के समान समझा जाता था और यह राह बहुत ही कष्टकारी होती थी। पुराने समय में पत्रकारों ने इस पेशे को राष्ट्र की सेवा में समर्पण भाव से ही अपनाया था।पत्रकार आज की तरह किसी विश्वविद्यालय या किसी मीडिया संस्थान में पैदा नहीं होते थे बल्कि उनमें जन्म से ही लेखन की कला होती थी। असहाय /कमजोर लोगों की पीड़ा की संवेदना से आहत होनेवाला हृदय ही उनके सीने में सदैव धड़कता रहता था और राष्ट्रप्रेम से भी ओत-प्रोत होता था।इसीलिए यह भी कहा जाता था कि पत्रकार बनता नहीं पैदा होता है और मरते दम तक कभी सेवानिवृत भी नहीं होता।
 
दिल्ली के बेटे ने छोड़ा लोगों को भगवान भरोसे। सरकार के निक्कमेपन से कोरोना ने धारण किया रौद्र रुप।
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/देश की राजधानी में कोरोना ने अपना खुला तांडव मचाना शुरू कर दिया है।दिल्ली कोरोना संक्रमण के मामले में देश के सभी राज्यों को पछाड़ती हुई अब तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। यहां प्रतिदिन संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। सिर्फ यह रिपोर्ट लिखे जाने के पूर्व के24 घंटों में कोरोना के1024 नए मरीज बढ़ गए जिससे दिल्ली के आनेवाले दिनों की भयावह स्थिति की कल्पना मात्र से ही रूह कांप जाती है।
 
हिंदुत्व विचारधारा को विकसित करने का श्रेय वीर सावरकर जी को ही जाता है।
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/भारतीय स्वाधीनता आंदोलन में वीर सावरकर जी का नाम भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाना चाहिए था परन्तु कांग्रेस ने हमेशा गांधी नेहरू के अलावा दूसरे आंदोलनकारियों को यह सम्मान नहीं दिया।उनके जीवन का अधिकांश भाग अंग्रेजी शासन में अंडमान निकोबारकी सेल्युलर जेल में ही बीता और अंग्रेजों ने उन्हें कारावास के दौरान बहुत अमानवीय यातनाएं भी दी। भारतीय इतिहास में सावरकर ऐसे इकलौते स्वतंत्रता सेनानी हैं जिन्हें आजीवन कारावास की दो सजाएं मिली थीं।विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 28 मई, 1883 को ग्राम भागुर, जिला नासिक, बम्बई प्रेसीडेंसी में हुआ था। सावरकर जी की गिनती भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रिम पंक्ति के सेनानियों में होती है। वह प्रखर राष्ट्रवादी नेता थे। उन्हें प्रायःवीर सावरकर के नाम से सम्बोधित किया जाता है।उन्होंने कला स्नातक की उपाधि के साथ बार एट ला की शिक्षा लंदन से प्राप्त की थी।हिन्दू राष्ट्र की राजनीतिक विचारधारा (हिन्दुत्व) को विकसित करने का बहुत बड़ा श्रेय श्री सावरकर जी को जाता है। वे न केवल स्वाधीनता-संग्राम के एक तेजस्वी सेनानी थे अपितु महान क्रान्तिकारी, चिन्तक, सिद्धहस्त लेखक, कवि, ओजस्वी वक्ता तथा दूरदर्शी राजनेता भी थे। वे एक ऐसे इतिहासकार भी हैं जिन्होंने हिन्दू राष्ट्र की विजय के इतिहास को प्रामाणिक ढंग से लिपिबद्ध किया है।
 
मीडिया का भारतीय मजदूरों के पलायन और उन्हें अपने देश में ही प्रवासी बताने के पीछे क्या कोई विदेशी साज़िश है?
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/अपने ही देश में कोई कैसे प्रवासी हो सकता है? यह भारत के कथित स्वयंभू बुद्धिजीवी पत्रकारों से सीखा जा सकता है। इनमें बहुत से तो विदेशी ताकतों के पेरोल पर पत्रकारिता की आड़ में साजिशें रच रहे हैं और देश के ही अपने मजदूरों को प्रवासी मजदूर साबित करने में जुटे हुए हैं। विदेशी आकाओं को खुश करने के लिए यह लोग देश में पत्रकारों का चौला धारण किए हुए हैं।
 
राम जन्मभूमि से मिली प्राचीन मूर्तियां और अवशेष इस्लाम के हिंसक और विध्वंसकारी होने का सबूत। कई और मस्ज़िदों के नीचे भी हो सकते हैं मन्दिर?
दिल्ली (अश्विनि भाटिया)।अयोध्या में राम जन्मभूमि के समतलीकरण के दौरान जमीन के अंदर से बड़ी संख्या में मन्दिर के अवशेष ,देवी - देवताओं की मूर्तियों सहित कई ऐसे प्राचीन वस्तुएं निकली हैं जिनसे यह प्रमाणित होता है कि यहां मन्दिर था।
 
दिल्ली में सरकार ने शराब पर लगाया भारी टैक्स। क्या पीने वालों से ज्यादा बेचने वाले थे बेचैन?
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/कोरोना संक्रमण से बेपरवाह शराब को किसी भी तरह से प्राप्त करने की नशेड़ियों की हरकत ने दिल्ली सरकार को यह कदम उठाने को प्रेरित किया।दिल्ली सरकार ने शराब की एम आर पी पर 70 प्रतिशत टैक्स बढ़ाया । लॉक डाउन के कारण पिछले कई दिन से शराब की दुकानें भी बंद थी, इससे पीने वालों को तो दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था ,साथ ही सरकार को भी आर्थिक नुकसान हो रहा था।
 
हमें शांति का पाठ पढ़ाने वालों ने यह नहीं बताया कि यह स्थापित कैसे होती है?क्या सिर्फ चमत्कारों के भरोसे बच पाएगा हमारा अस्तित्व?
हमें पिछली कई सदियों से जो धार्मिक शिक्षा दी जा रही है, उस पर चलकर हम कहां से कहां आ गए हैं? आज इस पर भी थोड़ा सा विचार करना आवशयक हो गया है। क्यों हम शांति का जाप करते - आतंक और आतंकियों से घिर गए? हमें यही पढाया जा रहा कुटुंबकम् क्या पूरा विश्व एक परिवार बन पाया ? इसका उत्तर है नहीं। हम विश्व को एक परिवार बनाते बनाते खुद अपने परिवारों को खत्म करते जा रहे हैं। * धर्म की जय हो। क्या हुई धर्म की जय? नहीं, बल्कि पिछले एक हजार साल से तो अधर्म की ही जय हो रही है। यह नारा लगाते- लगाते अधर्मियों के हाथों करोड़ों सनातनी /हिंदू मारे गए और करोड़ों का जबरन धर्म ही बदल दिया गया। भूतकाल में जबरन परिवर्तित हुए कायर और नपुंसक हिन्दुओं की संताने आज जेहादी बने हमारे धर्म को चुनौति दे रहे हैं। *विश्व का कल्याण हो। क्या हुआ इसका? तो उत्तर साफ है विश्व का तो पता नहीं भारत का तो बुरा हाल ही हुआ। एक हजार से ज्यादा वर्षों तक मुस्लिमों और बाद में गोरों का गुलाम हो गया। विश्व के कल्याण की कामना करने वाले खुद ही दुर्दशा को प्राप्त हो गए।
 
सरकार के सभी दावों के बावजूद किसान और उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रही मुनाफाखोर व्यापारियों से मुक्ति। संकट का लाभ उठा रहे कुछ लोग।
दिल्ली (अश्विनी भाटिया )/सरकार के लाख दावों के बावजूद किसानों के सामने यक्ष प्रश्न कि वह अपनी उपज को कैसे बेचे? कोरोना वायरस से बचाव के लिए किए गए लॉकडाउन का फायदा फिर वो वर्ग उठाने में जुट गया है जो खुद को व्यापारी बताता है और काम मुनाफाखोरी का करता है। इस महामारी में जहां इंसानों को मौत से बचने के लिए अपने घरों में कैद रहना पड़ रहा है वहीं यह कथित व्यापारी वर्ग दोनों हाथों से पीड़ित लोगों को लूटने में जुट गया है। आज हालात यह है कि इस संकट की घड़ी में हर उपभोक्ता वस्तु के दामों में बढ़ोतरी कर दी गई है। प्रत्येक दाल के दाम प्रति किलो 25-30 रुपए बढ़ाकर जनता से वसूले जा रहे हैं।आटा 35 से 40 रुपए प्रति किलो बेचा जा रहा है।
 
बाबा साहब के नाम पर सिर्फ वोट बैंक और लाभ लेनेवाले सच्चे अबेड़कर वादी नहीं हो सकते।
दिल्ली(अश्विनी भाटिया)/बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जयंती की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। बाबा साहब का नाम ले -लेकर भारत के राजनीतिक दलों ने देश की आजादी के बाद से ही अपना वोट बैंक बनायाऔर सफल भी रहे। बाबा साहब का नाम तो सभी ने लिया ,परन्तु उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता किसी ने नहीं समझी। बाबा साहब ने समाज के दलितों/ वंचितों और अस्पृश्यता के शिकार वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था संविधान में करवाई। यह अस्थाई व्यवस्था 10 वर्षों के लिए की गई थी जो सरकारों के वोट पाने का माध्यम बना दी गई और इस अवधि को बढ़ाते -बढ़ाते आज 70 वर्ष से भीअधिक हो गए मगर आज भी सभी एस सी एस टी मुख्यधारा में नहीं आ पाए क्यों?
 
कोरोना वायरस के विरूद्ध चले राष्ट्रव्यापीअभियान को ,क्या केजरीवाल के कारण पलीता लगा है?
दिल्ली (अश्विनी भाटिया) । देश कॉरोना वायरस के दंश से बहुत बुरी तरह से आहत है ।केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा इस वायरस को रोकने के लिए युद्धस्तर पर चलाए जा रहे अभियान को दिल्ली के मुख्यमंत्री केजीवाल ने जाने -अंजाने भारी नुकसान पहुंचाने का काम किया है। इस वायरस से सिर्फ टी वी स्क्रीन से ही लडने में लगा केजरीवाल जनता के खून- पसीने के पैसे को विज्ञापन पर खर्च करने में जुटा हुआ है।
 
दिल्ली के चुनाव परिणामों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गुमराह और भटका हुआ तो हिन्दू है, मुसलमान नही ।
आज भी मुस्लिम अपने कौमी एजेंडे के अनुसार एकजुट है और उसी के तहत अपनी जेहादी सोच पर काम कर रहा है।हिन्दू पहले भी भटका हुआ था और आज भी है । इस लोभी और अदूरदर्शी हिन्दू समुदाय ने 1000 हजार साल की गुलामी तो कबूल कर ली ,परंतु न तो आपने निजी स्वार्थों को छोड़ना उचित समझा और न ही अपनी भावी नस्लों की सुरक्षा की कभी कोई चिंता की। हिन्दुओं की इसी अदूरदर्शी सोच के परिणाम स्वरूप पाकिस्तान का जन्म हुआ। अफसोस की बात तो यह है कि अपने राष्ट्र का एक तिहाई भाग मुस्लिमों के हाथों गंवा कर भी वोटों के लोभ में मुस्लिमों को यही बसने की छूट दे दी।
 
देश और धर्म की रक्षा के लिए 2019 में भी मोदी सरकार को लाना आवश्यक है -मोदी मिशन
शाहदरा [रमन भाटिया ].यहां बाल्मीकि लव -कुश पार्क में गत सप्ताह मोदी मिशन -2019 के तत्वाधान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें में इस बात पर विस्तृत विचार -विमर्श किया गया कि 2019 में फिर से मोदी जी के नेतृत्ववाली सरकार को लाना क्यों आवश्यक हो गया है। गोष्टी की अध्यक्षता मास्टर रामपाल सिंह जी ने की और संचालन भाजपा युवा नेता विशाल भारद्वाज द्वारा किया गया ।
 
आज़ाद भारत की कमान अगर नेताजी के हाथ आती तो आज दुनिया की सिथति कुछ और ही होती ।
दिल्ली [वॉयस ऑफ़ भारत ] भारतीय स्वाधीनता संग्राम के महानायक और आज़ाद हिन्द सरकार के प्रथम प्रधानमंत्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्म दिवस पर उनके चरणों में हमारा शत -शत नमन। भारत की आज़ादी के लिए लाखों असंख्य लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी जिसके परिणाम स्वरुप हमें 15 अगस्त, 1947 को विदेशी शासन से मुक्ति मिली।
 
राष्ट्रवादी मोदी जी के सामने नहीं टिक पायेगा कोई भी भ्र्ष्टाचारी गठबंधन -भाजपा उपाध्यक्ष दुष्यंत गौतम
शाहदरा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रिय उपाध्यक्ष श्री दुष्यंत कुमार गौतम को पार्टी ने आगामी आम चुनावों हेतु उत्तर प्रदेश का सहप्रभारी बनाकर पार्टी में उनकी अहमियत को दर्शाने का ही काम किया है। अब गौतम जी की जिम्मेदारी पहले से भी अधिक महत्त्वपूर्ण हो गयी है। उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा ने चुनावी गठबंधन करके भाजपा के सामने एक कड़ी चुनौति खड़ी कर दी है ऐसे में पार्टी को पहले से भी अधिक ताकत से आगामी चुनावी समर में उतरना पड़ेगा। गत सप्ताह सजग वार्ता डॉट कॉम के प्रतिनिधि अश्विनी भाटिया ने श्री गौतम से आगामी चुनावों में भाजपा की तैयारी और चुनावी रणनीति को लेकर विस्तृत बातचीत की । यहां उसी बातचीत के कुछ अंश प्रस्तुत है ;श्री गौतम ने बताया कि आगामी चुनावों में भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अपनी केंद्र सरकार द्वारा किये गए जनहित और विकास कार्यों की पूंजी लेकर जनता के सामने जाएगी। वह इस बात से भी इंकार करते हैं कि सपा -बसपा या अन्य किसी भी गठबंधन से कोई गंभीर चुनौति भाजपा को मिलेगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की कई ऐसी उपलब्धियां हैं जिनको आज तक कोई भी दूसरी सरकार अपने 60 वर्षों में भी प्राप्त नहीं कर पाईं थीं। श्री गौतम कहते हैं कि मोदी जी की नियमित काम करने की अद्भुत कार्य क्षमता और ऊर्जा का लोहा पूरा विश्व भी मान रहा है। मोदी जी की कुशल और सटीक सोच का ही यह नतीजा है कि आज भारत अपनी आंतरिक समस्यायों को नियंत्रित करने के साथ -साथ विश्व पटल पर भी अपना दबदबा कायम करने में सफल रहा है।
 
स्वतन्त्रता संग्राम के महान नायक नेताजी आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं।
भारत की आज़ादी के लिए लाखों असंख्य लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी जिसके परिणाम स्वरुप हमें 15 अगस्त, 1947 को विदेशी शासन से मुक्ति मिली। स्वाधीनता संग्राम में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस एक ऐसा महानायक है जिसने अंग्रेजी शासकों के विरुद्ध सशस्त्र युद्ध किया और विश्व की उस समय के सबसे ताकतवर माने जानेवाले अंग्रेजी साम्राज्य की जड़ों को हिला कर रख दिया। नेताजी ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध लड़ रही देशों की सेना के साथ अपनी आज़ाद हिन्द फ़ौज़ को भी युद्ध के मैदान में उतार कर दुश्मनों के हौंसलें पस्त कर दिए।
 
गणतंत्र दिवस पर चौ. रामलाल भाटिया चैरिटेबल ट्रस्ट ने किया स्कूली बच्चों को गर्म जर्सियों का वितरण ।
अलवर (रमन भाटिया ) । यहां रामगढ तहसील के गांव गढ़ी स्थित राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विधालय में भारत के 69 वे गणतंत्र दिवस समारोह को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। प्रधानाचार्य श्री कैलाश चंद मीणा ने तिरंगा फहराकर कार्यक्रम की शरुआत की।
 
कोर्ट ने पत्रकार सुहैब इलियासी को माना पत्नी अंजू की हत्या का दोषी। सज़ा का फैंसला 20 को।
शाहदरा /दिल्ली। [रमन भाटिया ] एक समय टीवी चैनल पर अपराधों पर एपिसोड इंडिया मोस्ट वांटेड शो बनाकर मशहूर हुए पत्रकार सुहैब इलियासी अपनी पत्नी की हत्या के दोषी पाए गए हैं। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायधीश श्री एस के मल्होत्रा ने गत शनिवार को अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस और दलीलों को सुनने के बाद आरोपी इलियासी को अपनी पत्नी की हत्या का दोषी करार दिया कोर्ट द्वारा इस मामले में आगामी 20 दिसंबर को सज़ा पर बहस होने के बाद सजा सुनाई जायेगी।
 
दिल्ली की चौपट होती कानून -व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते हौंसले।कौन संभालेगा गृहमंत्री जी ?
दिल्ली [अश्विनी भाटिया] देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय से कानून -व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। आये दिन लूटपाट ,चोरी और मारपीट की घटनाएं तो एक तरफ खुनी गैंगवार की घटनाएं का ग्राफ भी बहुत ऊपर की ओर चढ़ता जा रहा हैं। दिल्ली में पुलिस सीधे -सीधे उपराजयपाल के माध्यम से केंद्रीय गृहमंत्री के नियंत्रण में है।आश्चर्य की बात यह है कि गृहमत्री सहित देश का पूरा केंद्रीय शासन और प्रशासन भी दिल्ली में होने के बावजूद अपराधियों पर लगाम कसने में पुलिस तंत्र फ़ेल साबित हो रहा है। अगर देश की राजधानी में कानून -व्यवस्था चौपट हो रही है तो शेष देश के स्थिति कैसी होगी यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। देश की आधे से ज्यादा समस्याएं पुलिस की दूषित और भ्रष्ट कार्यप्रणाली की दें हैं।
 
कांग्रेस ने मुस्लिम वोटों के लिए महाराणा प्रताप की बजाय अकबर को महान बनाया ।
आजकल कुछ राजपूत उस कांग्रेस की वकालत कर रहे हैं जिसने मुस्लिम वोटों की खातिर परम् देशभक्त और महाबलिदानी महाराणा प्रताप को इतिहास की पुस्तकों में कोई महत्व न देकर मुस्लिम आक्रांता के वंशज अकबर को महान बताया। भारत के राष्ट्र भक्तों को सम्मान देनेवाले प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार का का विरोध करते हुए यह भी कह रहे हैं कि उनको हिन्दू -मुस्लिम से कुछ लेना -देना नहीं है सिर्फ रोटी -रोजी से ही मतलब है। ऐसे लोगों से मेरा तो यही कहना है कि या तो वो राजपूत ही नहीं हैं या उन्होंने राजपूतों का इतिहास ही नहीं पढ़ा है। उनको चाहिए कि वो पहले राजपूतों का सही इतिहास पढ़ लें और कांग्रेस की उसके जन्म से लेकर अब तक की कारगुजारिओं को भी अच्छी तरह से पढ़ -समझ लें।
 
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