राष्ट्रीय

स्वतन्त्रता संग्राम के महान नायक नेताजी आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं।
भारत की आज़ादी के लिए लाखों असंख्य लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी जिसके परिणाम स्वरुप हमें 15 अगस्त, 1947 को विदेशी शासन से मुक्ति मिली। स्वाधीनता संग्राम में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस एक ऐसा महानायक है जिसने अंग्रेजी शासकों के विरुद्ध सशस्त्र युद्ध किया और विश्व की उस समय के सबसे ताकतवर माने जानेवाले अंग्रेजी साम्राज्य की जड़ों को हिला कर रख दिया। नेताजी ने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध लड़ रही देशों की सेना के साथ अपनी आज़ाद हिन्द फ़ौज़ को भी युद्ध के मैदान में उतार कर दुश्मनों के हौंसलें पस्त कर दिए।
 
गणतंत्र दिवस पर चौ. रामलाल भाटिया चैरिटेबल ट्रस्ट ने किया स्कूली बच्चों को गर्म जर्सियों का वितरण ।
अलवर (रमन भाटिया ) । यहां रामगढ तहसील के गांव गढ़ी स्थित राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विधालय में भारत के 69 वे गणतंत्र दिवस समारोह को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। प्रधानाचार्य श्री कैलाश चंद मीणा ने तिरंगा फहराकर कार्यक्रम की शरुआत की।
 
कोर्ट ने पत्रकार सुहैब इलियासी को माना पत्नी अंजू की हत्या का दोषी। सज़ा का फैंसला 20 को।
शाहदरा /दिल्ली। [रमन भाटिया ] एक समय टीवी चैनल पर अपराधों पर एपिसोड इंडिया मोस्ट वांटेड शो बनाकर मशहूर हुए पत्रकार सुहैब इलियासी अपनी पत्नी की हत्या के दोषी पाए गए हैं। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायधीश श्री एस के मल्होत्रा ने गत शनिवार को अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस और दलीलों को सुनने के बाद आरोपी इलियासी को अपनी पत्नी की हत्या का दोषी करार दिया कोर्ट द्वारा इस मामले में आगामी 20 दिसंबर को सज़ा पर बहस होने के बाद सजा सुनाई जायेगी।
 
दिल्ली की चौपट होती कानून -व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते हौंसले।कौन संभालेगा गृहमंत्री जी ?
दिल्ली [अश्विनी भाटिया] देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय से कानून -व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। आये दिन लूटपाट ,चोरी और मारपीट की घटनाएं तो एक तरफ खुनी गैंगवार की घटनाएं का ग्राफ भी बहुत ऊपर की ओर चढ़ता जा रहा हैं। दिल्ली में पुलिस सीधे -सीधे उपराजयपाल के माध्यम से केंद्रीय गृहमंत्री के नियंत्रण में है।आश्चर्य की बात यह है कि गृहमत्री सहित देश का पूरा केंद्रीय शासन और प्रशासन भी दिल्ली में होने के बावजूद अपराधियों पर लगाम कसने में पुलिस तंत्र फ़ेल साबित हो रहा है। अगर देश की राजधानी में कानून -व्यवस्था चौपट हो रही है तो शेष देश के स्थिति कैसी होगी यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। देश की आधे से ज्यादा समस्याएं पुलिस की दूषित और भ्रष्ट कार्यप्रणाली की दें हैं।
 
कांग्रेस ने मुस्लिम वोटों के लिए महाराणा प्रताप की बजाय अकबर को महान बनाया ।
आजकल कुछ राजपूत उस कांग्रेस की वकालत कर रहे हैं जिसने मुस्लिम वोटों की खातिर परम् देशभक्त और महाबलिदानी महाराणा प्रताप को इतिहास की पुस्तकों में कोई महत्व न देकर मुस्लिम आक्रांता के वंशज अकबर को महान बताया। भारत के राष्ट्र भक्तों को सम्मान देनेवाले प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार का का विरोध करते हुए यह भी कह रहे हैं कि उनको हिन्दू -मुस्लिम से कुछ लेना -देना नहीं है सिर्फ रोटी -रोजी से ही मतलब है। ऐसे लोगों से मेरा तो यही कहना है कि या तो वो राजपूत ही नहीं हैं या उन्होंने राजपूतों का इतिहास ही नहीं पढ़ा है। उनको चाहिए कि वो पहले राजपूतों का सही इतिहास पढ़ लें और कांग्रेस की उसके जन्म से लेकर अब तक की कारगुजारिओं को भी अच्छी तरह से पढ़ -समझ लें।
 
अवैध उगाही से करोड़ोंपति बने बेलदारों के आगे पु.दि. न. नि. प्रशासन पंगु क्यो ?
शाहदरा /दिल्ली। अफ़सोस की बात है कि हर बात की जानकारी होने के बाद भी पूर्वी दिल्ली नगर निगम शासन और प्रशासन में आसीन अधिकारियों के कानों पर अभी तक जूँ नहीं रेंगी है। अभी तक वार्डों में अवैध भवन निर्माणों से ऊगाही के काम को करने में लगे अवैध निगम कर्मियों को नहीं हटाया गया है।
 
यह कत्ल है या कुर्बानी ? कुर्बानी हमेशा कमजोरों की ही दी जाती है,शेरों की नहीं।
मेरी समझ मे यह नही आता कि हम बेजुबान ,निरिह और मासूम जानवरो के बेरहमी से किए गए कत्ल को मुबारक कैसे माने ?किसी को भी किसी की जान लेने की इजाजत नहीं है फिर भी किसी को खुश करने के लिए एक ही दिन में करोड़ों जानवरों को मौत के घाट उतार कर हम खुशी मनाते हें और इस काम को पुण्य कार्य सम्झते हें।
 
पुदिननि में अवैध निर्माणों से चल रहा करोड़ों का गोरखधंधा। निगम पार्षद हुए मौन क्यों ?
दिल्ली [अश्विनी भाटिया ] पूर्वी दिल्ली नगर निगम में अधिकारियों की सांठगांठ से अवैध निर्माणों का धंधा पुरे जोर -शोर से चल रहा है और भ्रष्टाचार को मिटाने के संकल्प को लेकर जीतकर आये निगम पार्षद भी इस पर मौन धारण किये हुए हैं।
 
पीड़ित सिपाही ने कोर्ट में दायर किया केस। गोकुलपुरी एस एच ओ व अन्य तीन एस आई को बनाया आरोपी
दिल्ली [अश्विनी भाटिया ] भारत को अंग्रेजी गुलामी से मुक्ति पाए बेशक 70 वर्ष होने को हैं परन्तु देश की पुलिस अंग्रेजी मानसिकता की आज भी गुलाम बनी हुयी है। अंग्रेजों ने पुलिस की स्थापना अपने विरुद्ध उठनेवाली जनता की हर आवाज़ को डंडे के बल पर दबाना और दमन चक्र चलाने के लिए किया था। साथ ही पुलिस के बड़े पदों पर अंग्रेज़ आसीन होते थे और निम्न पदों पर हिंदुस्तानियों को भर्ती किया जाता था। पुलिस के अंग्रेज़ अधिकारी छोटे कर्मचारियों [हिंदुस्तानियों ] से भी बहुत अपमान जनक व्यवहार करना अपना अधिकार समझते थे और गलियां देना तो उनकी ट्रेनिंग का ही एक जरूरी अध्याय ही होता था।देश से अंग्रेजी हकूमत तो चली गयी मगर उनकी बनाई पुलिस व्यवस्था आज भी कायम है जो कि हमारी लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर बदनुमा दाग़ है।आज भी पुलिस जनता को दबाना ,मारना -पीटना अपना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानती है वहीं बड़े अधिकारी निम्न कर्मचारियों को अपना गुलाम मानते हुए उनको गाली देना और मानसिक -शारीरिक प्रताड़ना देने से भी बाज़ नहीँ आ रहे।
 
खट्टर सरकार हिंसक जाट आरक्षण आंदोलन का अब कड़ाई से करेगी दमन ?
हरियाणा में जिस बात की आशंका थी वही हो गई आख़िरकार जाटों के आरक्षण आंदोलन ने हिंसात्मक रूप धारण कर ही लिया है और पूरा हरियाणा धूं -धूं करके जलने लगा है। इस बात की आशंका हमने पहले ही व्यक्त की थी और 18 फ़रवरी को ही अपनी एक रिपोर्ट में आंदोलनकारियों से अपील भी की थी कि यह टाइम आंदोलन के लिए उचित नहीं है क्योंकि इस समय देश में बैठे बहुत से देशद्रोही विदेशी आकाओं के निर्देश पर देश के अधिकांश हिस्सों में उपद्रव फ़ैलाने की फ़िराक में हैं। इसकी संभावना जेएनयू की घटना के बाद और बढ़ चुकी है। और हमने यह आशंका भी व्यक्त की थी कि यह अराजक तत्व आंदोलन में घुसकर हिंसा फैला सकते हैं जिसके कारण यह आंदोलन दागदार हो सकता है परन्तु आंदोलनकारियों को यह अपील रास नहीं आई और आख़िरकार उनके आंदोलन को अराजक तत्वों ने हाईजैक कर ही लिया है।
 
देशद्रोहियों और उनके समर्थकों की धुलाई करके वकीलों ने निभाया अपना राष्ट्रधर्म
एक बार देश के वकीलों ने यह साबित कर दिया है कि वो लोग किसी भी देशद्रोही को सबक सिखाने से पीछे नहीं हैं।जेएनयू में भारत विरोधी और आतंकवादियों के पक्ष में नारेबाजी करनेवाले देशद्रोहियों और उनके समर्थकों की दिल्ली की पटियाला हाऊस कोर्ट में वकीलों ने जमकर धुलाई करके अपने राष्ट्रधर्म को ही निभाया है।
 
राष्ट्र से ऊपर नहीं कथित बड़े पत्रकार। विदेशी एजेंडे और पैरोल पर काम करनेवाले की भी हो जाँच।
आज देश में मीडिया से जुड़े जो लोग और चैनल देशद्रोहियों के सुर में सुर मिला रहे हैं उनको यह बताना चाहिए कि वो देश के साथ हैं या देशद्रोहियों और आतंकवादियों के साथ ? क्या पत्रकारों का अपने राष्ट्र के प्रति भी कोई कर्तव्य है या वो सिर्फ और सिर्फ पत्रकार ही हैं जिनका काम मात्र सनसनीखेज खबरें परोसना और अपनी टी आर पी को बढ़ाना है? क्या पत्रकार राष्ट्र से भी ऊपर का कोई दूसरी दुनिया का विलक्षण प्राणी हैं जो खुद को सबसे अलग होने के भ्रम में रहकर जीने का आदी हो गया है और वो इस भ्रमजाल से बाहर देखना ही नहीं चाहता? अगर कोई देशद्रोही या आतंकवादी हमारे देश के विरुद्ध भौंकता है तो उसका विरोध करनेवाले राष्ट्र भक्तों को यह बिकाऊ भांड गुंडे कहकर प्रस्तुत करते हैं और देशद्रोहियों को महिमामंडित करने में ऐड़ी -चोटी का जोर लगाने से भी नहीं चूकते ?
 
सेकुलरता के नाम पर और पत्रकारिता की आढ़ में देश से गद्दारी करनेवालों को गिरफ्तार किया जाए
देश के अंदर रहकर जो लोग देश के साथ गद्दारी कर रहे हैं वह तो विदेशी दुश्मन से भी ज्यादा खतरनाक हैं और इनको कुचलने की कारगर नीति सरकार को बनानी चाहिए। देश के कथित सेकुलरता के झंडाबरदार नेता अपने कृत्यों से देश विरोधी ताकतों को अपना समर्थन देकर उनके हौंसले बुलंद किए हुए हैं ,ऐसे नेताओं को भी वही सज़ा मिलनी चाहिए जो देश के साथ द्रोह करनेवालों की होती है।
 
चौ. रामलाल भाटिया चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से ग्रामीण अंचल के निर्धन बच्चों को गर्म जर्सी का वितरण
अलवर जिले की रामगढ तहसील के गढ़ी गांव के राजकीय उच्च [सीनियर सेकेंड्री ] विद्यालय में इस बार गणतंत्र दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस समारोह में चौ. रामलाल भाटिया चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री अश्विनी भाटिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
 
रीढ़ की हड्डी से निकाला ट्यूमर
नोएडा। अबतक रीढ़ की हड्डी के बीमारी के मामले में डॉक्टर सफलता की ओर बढ़ रहे थे लेकिन कैलाश अस्पताल के डॉक्टरों ने इसी बीच कामयाबी हासिल की और एक मरीज की रीढ़ की हड्डी से एक फिट लंबा ट्यूमर निकाला डाला।