09/09/2017
यह कत्ल है या कुर्बानी ? कुर्बानी हमेशा कमजोरों की ही दी जाती है,शेरों की नहीं।

मेरी समझ मे यह नही आता कि हम बेजुबान ,निरिह और मासूम जानवरो के बेरहमी से किए गए कत्ल को मुबारक कैसे माने ?किसी को भी किसी की जान लेने की इजाजत नहीं है फिर भी किसी को खुश करने के लिए एक ही दिन में करोड़ों जानवरों को मौत के घाट उतार कर हम खुशी मनाते हें और इस काम को पुण्य कार्य सम्झते हें।

 यह तो सार्वभौमिक सच्चाई है कि  कुर्बानी हमेशा से  कमजोरों की ही दी जाती रही  है। क्या कभी शेर की कुर्बानी देने की हिमाकत कोई कर सकता है? तो इसका जवाब न में ही होगा। कुर्बानी के नाम पर किए गए कत्लों को आप कुछ भी कहें लेकिन हम तो इसे कमजोर बेजुबान जीवों के प्रति किया गया अपराध ही कहेंगे। जो लोग और संगठन जीवों पर किए जाने वाले अत्याचार पर हो हल्ला मचाते हें और मीडिया भी दिवाली पर की गई आतिश्बाज़ी को वायु प्रदुषण कह कर शोर मचाता है, उन्हें बेजुबान जानवरों को कत्ल किए जाने पर उनको  साँप क्यों सूंघ जाता है ?



Comments  
  
Name :  
  
Email :  
  
Security Key :  
   1823639
 
     





स्वतन्त्रता संग्राम के महान नायक नेताजी आज भी लोगों के दिलों पर राज करते हैं।

भारत की आज़ादी के लिए लाखों असंख्य लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी जिसके परिणाम स्वरुप हमें 15 अगस्त, 1947 को विदेशी शासन से मुक्ति मिली। स्वाधीनता संग्राम में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस एक ऐसा महानायक है जिसने अंग्रेजी शासकों के विरुद्ध सशस्त्र युद्ध किया और विश्व की उस समय के सबसे ताकतवर माने जानेवाले अंग्र


गणतंत्र दिवस पर चौ. रामलाल भाटिया चैरिटेबल ट्रस्ट ने किया स्कूली बच्चों को गर्म जर्सियों का वितरण ।

अलवर (रमन भाटिया ) । यहां रामगढ तहसील के गांव गढ़ी स्थित राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विधालय में भारत के 69 वे गणतंत्र दिवस समारोह को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। प्रधानाचार्य श्री कैलाश चंद मीणा ने तिरंगा फहराकर कार्यक्रम की शरुआत की।


कोर्ट ने पत्रकार सुहैब इलियासी को माना पत्नी अंजू की हत्या का दोषी। सज़ा का फैंसला 20 को।

शाहदरा /दिल्ली। [रमन भाटिया ] एक समय टीवी चैनल पर अपराधों पर एपिसोड इंडिया मोस्ट वांटेड शो बनाकर मशहूर हुए पत्रकार सुहैब इलियासी अपनी पत्नी की हत्या के दोषी पाए गए हैं। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायधीश श्री एस के मल्होत्रा ने गत शनिवार को अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस और दलीलों को सुनने के बाद आ


दिल्ली की चौपट होती कानून -व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते हौंसले।कौन संभालेगा गृहमंत्री जी ?

दिल्ली [अश्विनी भाटिया] देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय से कानून -व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। आये दिन लूटपाट ,चोरी और मारपीट की घटनाएं तो एक तरफ खुनी गैंगवार की घटनाएं का ग्राफ भी बहुत ऊपर की ओर चढ़ता जा रहा हैं। दिल्ली में पुलिस सीधे -सीधे उपराजयपाल के माध्यम से केंद्रीय गृहमंत्री के नियंत्रण में है


कांग्रेस ने मुस्लिम वोटों के लिए महाराणा प्रताप की बजाय अकबर को महान बनाया ।

आजकल कुछ राजपूत उस कांग्रेस की वकालत कर रहे हैं जिसने मुस्लिम वोटों की खातिर परम् देशभक्त और महाबलिदानी महाराणा प्रताप को इतिहास की पुस्तकों में कोई महत्व न देकर मुस्लिम आक्रांता के वंशज अकबर को महान बताया। भारत के राष्ट्र भक्तों को सम्मान देनेवाले प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार का का विरोध करते हुए


अवैध उगाही से करोड़ोंपति बने बेलदारों के आगे पु.दि. न. नि. प्रशासन पंगु क्यो ?

शाहदरा /दिल्ली। अफ़सोस की बात है कि हर बात की जानकारी होने के बाद भी पूर्वी दिल्ली नगर निगम शासन और प्रशासन में आसीन अधिकारियों के कानों पर अभी तक जूँ नहीं रेंगी है। अभी तक वार्डों में अवैध भवन निर्माणों से ऊगाही के काम को करने में लगे अवैध निगम कर्मियों को नहीं हटाया गया है।


यह कत्ल है या कुर्बानी ? कुर्बानी हमेशा कमजोरों की ही दी जाती है,शेरों की नहीं।

मेरी समझ मे यह नही आता कि हम बेजुबान ,निरिह और मासूम जानवरो के बेरहमी से किए गए कत्ल को मुबारक कैसे माने ?किसी को भी किसी की जान लेने की इजाजत नहीं है फिर भी किसी को खुश करने के लिए एक ही दिन में करोड़ों जानवरों को मौत के घाट उतार कर हम खुशी मनाते हें और इस काम को पुण्य कार्य सम्झते हें।


पुदिननि में अवैध निर्माणों से चल रहा करोड़ों का गोरखधंधा। निगम पार्षद हुए मौन क्यों ?

दिल्ली [अश्विनी भाटिया ] पूर्वी दिल्ली नगर निगम में अधिकारियों की सांठगांठ से अवैध निर्माणों का धंधा पुरे जोर -शोर से चल रहा है और भ्रष्टाचार को मिटाने के संकल्प को लेकर जीतकर आये निगम पार्षद भी इस पर मौन धारण किये हुए हैं।


पीड़ित सिपाही ने कोर्ट में दायर किया केस। गोकुलपुरी एस एच ओ व अन्य तीन एस आई को बनाया आरोपी

दिल्ली [अश्विनी भाटिया ] भारत को अंग्रेजी गुलामी से मुक्ति पाए बेशक 70 वर्ष होने को हैं परन्तु देश की पुलिस अंग्रेजी मानसिकता की आज भी गुलाम बनी हुयी है। अंग्रेजों ने पुलिस की स्थापना अपने विरुद्ध उठनेवाली जनता की हर आवाज़ को डंडे के बल पर दबाना और दमन चक्र चलाने के लिए किया था। साथ ही पुलिस के बड़े पदों पर अंग


खट्टर सरकार हिंसक जाट आरक्षण आंदोलन का अब कड़ाई से करेगी दमन ?

हरियाणा में जिस बात की आशंका थी वही हो गई आख़िरकार जाटों के आरक्षण आंदोलन ने हिंसात्मक रूप धारण कर ही लिया है और पूरा हरियाणा धूं -धूं करके é