06/07/2020
अलवर:जिलाधीश और एस पी पदों पर तैनात हुई महिला अधिकारियों को कड़ी चुनौतियों से निपटना होगा।।

अलवर (अश्विनी भाटिया)/राजस्थान के अलवर जिले की कमान अब महिला अधिकारियों के हाथ में सौंप दी गई है। राज्य सरकार ने जहां जिले के जिलाधीश पद पर 2007 बैच की आईएएस अधिकारी आंनदी को नियुक्त किया है, वहीं पुलिस अधीक्षक के पद की जिम्मेदारी 2013 बैच की भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी तेजस्विनी गौतम को सौंपी है। अलवर पूर्वी राजस्थान का सबसे महत्वपूर्ण और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्तर्गत आनेवाला जिला है। हरियाणा के मेवात के साथ लगते इस जिले को कानून- व्यवस्था की दृष्टि से भी एक चुनौतपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। महिलाओं के प्रति किए जाने वाले अपराधों,अवैध खनन, चोरी,तस्करी और आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों की अधिकता के कारण यह क्षेत्र कई बार सुर्खियों में आ चुका है। दूसरी ओर मनरेगा ,राशनिंग वितरण में धांधली से लेकर पेयजल संकट से जनता को निजात दिलाना और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना जिलाधीश महोदया के लिए गंभीर चुनौती रहेगी।किसी भी जिले में सिविल और पुलिस प्रशासन को संभालने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक की ही होती है। अगर जिले के इन दोनों पदों की कमान कुशल और तेजतर्रार अधिकारियों के हाथ में हो तो वहां की जनता को सरकार द्वारा दी जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ और सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत करने का सुखद आंनद मिलता है

ज्ञात हो कि आनंदी अलवर में आने से पहले उदयपुर जिलाधीश के पद पर आसीन थी।वे साल 2007 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। उनकी प्रशासनिक सेवा की शुरुआत सन 2008 में मसूरी से अंडरट्रेनी से हुई। राजस्थान प्रशासन में उनको जिलाधीश पद की यह पांचवीं जिम्मेदारी मिली है। अलवर से पूर्व वह उदयपुर, बूंदी, सवाई माधोपुर और राजसमंद जिलाधीश रह चुकी हैं। आनंदी मूल रूप से दक्षिण भारतीय हैं और इनका संबंध तमिलनाडु के तीरपुर जिले से हैं। इन्होंने समाजशास्त्र से स्नातक और दिल्ली विशवविद्यालय से वर्ष 2002 में विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की है।
अलवर पुलिस अधीक्षक की कमान संभालने वाली तेजस्विनी गौतम इससे पहले चूरू जिले में नियुक्त थीं। किया गया है। भारतीय पुलिस सेवा की साल 2013 बैच की अधिकारी तेजस्विनी की गिनती एक कुशल व ऊर्जावान पुलिस अधिकारियों में होती है। कोरोना महामारी के कारण लॉक डाउन के समय उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी महत्वपूर्ण पहल करके चुरू जिले के लोगों को अपने घरों में रहने के लिए समझाने का सफल प्रयास किया। उन्होंने फेसबुक लाइव व अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित करके लोगों को अपने घरों में सुरक्षित रहने के लिए मानसिक रूप से तैयार करने में सफलता पाई। अलवर अपराधिक मामलों को लेकर कानून व्यवस्था के लिए चुनौतपूर्ण क्षेत्र है। यहां महिला के विरूद्ध अपराध, चोरी, तस्करी और आर्थिक धोखाधड़ी की घटनाएं होना पुलिस के लिए सिरदर्द रहता है। अरावली पर्वत माला में किए जानेवाले अवैध खनन को रोकना भी तेजस्विनी गौतम के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौति रहेगा। तेजस्विनी का संबंध दिल्ली से है और उन्होंने दिल्ली विशवविद्यालय से स्नातक और विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की हुई है।हम अपेक्षा करते हैं कि इन दोनों महिला अधिकारियों के नेतृत्व में अलवर जिला सुरक्षित वातावरण में विकास की नई ऊंचाइयों को छुयेगा और गरीब व असहाय जनता को भी न्याय मिल सकेगा।



Comments  
  
Name :  
  
Email :  
  
Security Key :  
   4304823
 
     





दिल्ली भाजपा में जमीनी और पुराने वर्करों की उपेक्षा ? क्या यह भी कांग्रेस की राह पर चल रही है?

दिल्ली(अश्विनी भाटिया)/दिल्ली में अभी स्थानीय स्तर पर मंडलों व जिलाअध्यक्षों की नियुक्ति की गई है।इन नियुक्तियों से कई जगह पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं में रोष भी है और वह दबी जुबान में अपनी उपेक्षा का दर्द को व्यक्त कर रहे हैं। नाम न उजागर करने की शर्त पर इन्होंने कहा कि वास्तविकता तो यह है कि भाजपा


बंटवारे के दोषी सत्तालोलुप नेताओं को शांतिदूतऔरआधुनिक भारत का निर्माता कैसे माना जाए?

दिल्ली(अश्विनी भाटिया)/आज 15 अगस्त है।आज से 73 वर्ष पूर्व जहां भारत को अंग्रेजी साम्राज्य से मुक्ति मिली वहीं भारत को विभाजन का दर्द भी मिला। देश को धार्मिक हिन्दू- मुस्लिम आधार पर दो टुकड़ों में विभाजित करवाने के जिम्मेदार नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना को जहां राजसत्ता मिली वहीं करोड़ों लोगों को अपने ही देश


श्रीराम मंदिर निर्माण ही हमाराअंतिम लक्ष्य नहीं l अपना धर्म/संस्कृति बचाने का संघर्ष जारी रहेगा।

दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/हमारा सदियों से चलता आ रहा देव स्थान मुक्ति अभियान राम मंदिर के निर्माण तक ही नहीं रुकना चाहिए। पिछली कई शताब्दियों से हमारी संस्कृति और सभ्यता को नष्ट- भ्रष्ट करनेवाली राक्षसी ताकतें आज भी हमें समूल समाप्त करने की साजिशों में लगी हैं। श्री राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए हम लगभग पां


यह कत्ल है या कुर्बानी ? बेजुबान निरिह जीवों की हत्या को हम कैसे मुबारक कहें?

दिल्ली(अश्विनी भाटिया)/इसे कुर्बानी कहे या कत्ल?हमारी समझ में यह नही आता कि हम बेजुबान,निरिह और मासूम जानवरों का बेरहमी से किए गए कत्ल को मुबारक कैसे माने ?किसी को भी किसी की जान लेने की इजाजत नहीं है, फिर भी किसी को खुश करने के लिए एक ही दिन में करोड़ों जानवरों को मौत के घाट उतार कर हम खुशी मनाते हैंऔर इस काम को


जलियांवाले नरसंहार के दोषी डायर को21 वर्ष बाद उसके घर में सजा देनेवाले उधम सिंह के हम सदा ऋणी रहेंगे।

दिल्ली(अश्विनी भाटिया)/भारत मां के वीर सपूत शहीद सरदार उधम सिंह जी की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में हमारा शत शत नमन। भारत के इस सपूत ने अमृतसर के जलियां वाले बाग में निहत्थे भारतीयों के नरसंहार करवाने वाले पंजाब के गवर्नर जनरल माईकल ओ डायरअंग्रेज को लंदन में उसके घर में जाकर मौत के घाट उतार दिया था। जलियां वा


राममंदिर से मुस्लिमों को दूर रखा जाए। हिन्दुओं ने दी है बड़ी कीमत। इसमें मुस्लिमों का क्या योगदान?

दिल्ली (अश्विनी भाटिया ) /भगवान श्री राम जी के जन्मस्थान पर भव्य मन्दिर निर्माण हेतु आगामी5 अगस्त को भूमि पूजन के कार्यक्रम की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। कोरोना वायरस के चलते इस ऐतिहासिक समारोह में चाहते हुए भी बहुत से लोग शामिल नहीं हो पाएंगे। कार्यक्रम सीमित अतिथियों की उपस्थिति में प्रधानमंत्री न


दिल्ली सिविल डिफेंस में शामिलआप के वर्करों की उच्चस्तरीय जांच जरूरी है।

दिल्ली(अश्विनी भाटिया) /विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार जब भी वजूद में आई तब ही उसने दिल्ली सिविल डिफेंस में बड़ी संख्या में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भर्ती किया। पिछले7-8 वर्षों में दिल्ली सिविल डिफेंस में की गई इस पूरी भर्ती की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इस बा


कब तक आम आदमी अपनी जान और आबरू को बचाने के लिए गुंडों के हाथों मरता रहेगा?

दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/बहुत दुखद। बदमाशों को अपनी भांजी से छेड़खानी से रोकने की सजा पत्रकार विक्रम जोशी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। बदमाशों ने सरेआम जोशी को गोलियों से भून डाला। राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के विजयनगर इलाके में बदमाशों के हमले में घायल हुए पत्रकार विक्रम जोशी की मंगलवार देर रात इल


अलवर:जिलाधीश और एस पी पदों पर तैनात हुई महिला अधिकारियों को कड़ी चुनौतियों से निपटना होगा।।

अलवर (अश्विनी भाटिया)/राजस्थान के अलवर जिले की कमान अब महिला अधिकारियों के हाथ में सौंप दी गई है। राज्य सरकार ने जहां जिले के जिलाधीश पद पर 2007 बैच की आईएएस अधिकारी आंनदी को नियुक्त किया है, वहीं पुलिस अधीक्षक के पद की जिम्मेदारी 2013 बैच की भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी तेजस्विनी गौतम को सौंपी है। अलवर पूर्वी राजस


दुशमनों के साथ सीमा पर तो सेना लड़ेगी पर देश के अंदर आर्थिक मोर्चे पर हमें लड़ना होगा।

दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/इस समय हमारा देश बहुत ही चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। हमें एक ओर जहां कोरोना जैसी महामारी से जूझना पड़ रहा है ,वहीं दूसरी ओर देश के दुश्मन चीन और पाकिस्तान हमारी सीमाओं पर हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने में लगे हैं। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए और चीनी सैनिकों के धोखेबाजी का मु