राष्ट्रीय
अलवर:जिलाधीश और एस पी पदों पर तैनात हुई महिला अधिकारियों को कड़ी चुनौतियों से निपटना होगा।।
अलवर (अश्विनी भाटिया)/राजस्थान के अलवर जिले की कमान अब महिला अधिकारियों के हाथ में सौंप दी गई है। राज्य सरकार ने जहां जिले के जिलाधीश पद पर 2007 बैच की आईएएस अधिकारी आंनदी को नियुक्त किया है, वहीं पुलिस अधीक्षक के पद की जिम्मेदारी 2013 बैच की भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी तेजस्विनी गौतम को सौंपी है। अलवर पूर्वी राजस्थान का सबसे महत्वपूर्ण और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्तर्गत आनेवाला जिला है। हरियाणा के मेवात के साथ लगते इस जिले को कानून- व्यवस्था की दृष्टि से भी एक चुनौतपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। महिलाओं के प्रति किए जाने वाले अपराधों,अवैध खनन, चोरी,तस्करी और आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों की अधिकता के कारण यह क्षेत्र कई बार सुर्खियों में आ चुका है। दूसरी ओर मनरेगा ,राशनिंग वितरण में धांधली से लेकर पेयजल संकट से जनता को निजात दिलाना और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना जिलाधीश महोदया के लिए गंभीर चुनौती रहेगी।किसी भी जिले में सिविल और पुलिस प्रशासन को संभालने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक की ही होती है। अगर जिले के इन दोनों पदों की कमान कुशल और तेजतर्रार अधिकारियों के हाथ में हो तो वहां की जनता को सरकार द्वारा दी जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ और सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत करने का सुखद आंनद मिलता है
दुशमनों के साथ सीमा पर तो सेना लड़ेगी पर देश के अंदर आर्थिक मोर्चे पर हमें लड़ना होगा।
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/इस समय हमारा देश बहुत ही चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। हमें एक ओर जहां कोरोना जैसी महामारी से जूझना पड़ रहा है ,वहीं दूसरी ओर देश के दुश्मन चीन और पाकिस्तान हमारी सीमाओं पर हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने में लगे हैं। देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए और चीनी सैनिकों के धोखेबाजी का मुकाबला करते हुए हमारे देश के 20 जवान शहीद हो गए हैं ।हमारे जवानों ने बड़ी वीरता से दुशमनों का मुकाबला किया और काफ़ी संख्या में उनको भी मारा डाला।हमारे समस्त देशवासियों का भी यह कर्तव्य है कि हम भी इस घड़ी में देश के स्वाभिमान और इसकी एकता- अखंडता को सुरक्षित रखने हेतु चीन को मुंह तोड़ जवाब दे। सीमा पर तो दुश्मन से हमारी सेना निपट ही लेगी ,लेकिन हमें देश के अंदर चीन को आर्थिक मोर्चे पर कमजोर करना होगा। चीन हमारे देश में बड़ी मात्रा में अपना सामान बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करके उस पैसे को हमारे विरूद्ध सीमा पर कर रहा है।अत हमें अभी से यह संकल्प ले लेना चाहिए कि हम चीन की बनी वस्तुओं का बहिष्कार शुरू कर दें। हम चीन को आर्थिक रूप से कमजोर करके उसके नापाक मंसूबों को तहस- नहस कर सकते हैं।चीन इलेल्ट्रोनिक और आई टी क्षेत्र में भी बहुत बड़ा खिलाड़ी बना हुआ है। बहुत से सॉफ्ट और हार्ड वेयर/ फोन एप आदि का भी हम अपने फोन में प्रयोग करके चीन को मजबूत बना रहे हैं। हमें इन फोन एप आदि को अपने मोबाईल से बाहर कर देना चाहिए। आजकल बहुत से लोग टिक टोक (जो कि चीन का ही एप है)बहुत इस्तेमाल करके खुद की अदृश्य कला को प्रदर्शित करने में दिन -रात लगे हुए हैं ,हम उसको भी तुरन्त बन्द करें। सभी देशवासी भी चीनी एप से बनी किसी वीडियो आदि को बनाना बंद कर दें।अगर कोई अब भी चीनी एप को अपनाता है तो वह अपने देश को नुकसान पहुंचाने का ही काम करता है। सभी नागरिकों को भी हमें इस बात को लेकर जागरूक रहना होगा कि कौन सी वीडियो चीनी एप से बनाकर हमारे को मैसेज से भेजी जा रही है,हम तुरन्त इसको निरस्त करें और भेजनेवाले को भी ऐसा न करने को कहें। जो नागरिक इस आग्रह के बावजूद भी चीनी प्रेम दिखाता है तो वह देश से द्रोह ही करता है,क्योंकि जो अपने देश का नहीं हो सकता वो किसी का नहीं हो सकता। हम मानते हैं कि बहुत लोग बड़ी मात्रा में चीनी वस्तुओं का इस्तेमाल कर रहे हैं और उन पर निर्भर हो चुके हैं, लेकिन हमें अब आत्मनिर्भर होना होगा। हम अभी आत्मनिर्भर होने का संकल्प करके धीरे -धीरे चीनी अर्थव्यवस्था को समाप्त कर सकते हैं। देश और हमारी रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारत मां के वीर सपूतों का ऋण हम कभी नहीं उतार सकते हैं,लेकिन उनके चरणों में अपना नमन करके, उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि तो अर्पित कर ही सकते हैं। जय हिन्द। जय भवानी। भारत माता की जय।
विकट परिस्थितियों से लड़ने वाला ही होता है असली नायक ।पलायन कायरता की निशानी।
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/रुपहले पर्दे पर नाटकीय जीवन जीना और वास्तविक जीवन जीने में जमीन- आसमान का अन्तर है। यह जरूरी नहीं है कि रंगमंच पर योद्धा और साहसी दिखनेवाले लोग अपने असल जीवन में भी वैसे ही हों।पर्दा किसी भी कलाकार को यश और धन तो दे सकता है ,लेकिन विपरीत परिस्थितियों में जीने का साहस और प्रबल इच्छाशक्ति नहीं । जीवन में आनेवाले उतार -चढ़ाव का सामना करनेवाला और प्रतिकूल परिस्थितियों से संघर्ष करने वाला ही वास्तविक नायक होता है। उसका जीवन ही समाज के लिए आदर्श और अनुकरणीय होता है।उससे ही समाज के दूसरे लोगों को भी लडने और जीने की प्रेरणा मिलती है। जो लोग विकट परिस्थिति में अडिग रहकर उसका सामना नहीं कर पाते और उनसे पलायन करके या घबराकर अपने जीवन का अंत कर ले,वो कायर होते हैं। यह कायर और पलायनवादी न तो समाज के लिए आदर्श हो सकते हैं और न ही नायक । चकाचौंध में विलासिता पूर्ण जीवन जीने वाले इन भोगी कायर जीवों का जीवन अनुकरणीय नहीं होता।अत हमें भी ऐसे लोगों को अपना आदर्श मान कर अपना जीवन नरकीय नहीं बनाना चाहिए। साहसी और संघर्षशील साहसी व्यक्तियों का अनुकरण करने से ही हम सुखी और खुश रह सकते हैं। धन और यश हमें जीवन का वास्तविक आंनद नहीं दे सकता है और न ही संघर्ष करने की क्षमता।
दिल्ली के अस्पतालों में इलाज तो दूर पानी देनेवाला कोई नहीं।केंद्र सरकार कब तक मुक दर्शक बनी रहेगी?
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/ कोरोना से दिल्ली की बिगड़ी स्थिति को मुकदर्शक बनकर केंद्र सरकार को भी नहीं देखते रहना चाहिए। एक मक्कार,महाझूठे नौटंकीबाज मुख्यमंत्री के राहमो-करम पर जनता को छोड़ देने के कारण देश की राजधानी के लोग मौत के मुंह में जा रहे हैं जिनको बचाने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की भी होती है।केंद्र सरकार को वरिष्ठ डाक्टरों के समूह से दिल्ली को अस्पतालों का निरीक्षण करवाकर सच को अविलंब सामने लाना चाहिए।केजरी सरकार के तो झूठे दावों की पोल खुल चुकी है।सरकार के नकारेपन ने लोगों को मौत के अंधेरे कुएं में धकेल दिया है। आज दिन-प्रतिदिन दिल्ली में कोरोना लोगों को अपना शिकार बनाकर उनकी जिंदगी को समाप्त कर रहा है। केजरी सरकार पूरी तरह से असफल और निकम्मी सरकार साबित हो चुकी है। हालात इतने बिगड़े पड़े हैं कि दिल्ली के शमशान भी दाह -संस्कार के लिए कम पड़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज तो दूर उन्हे पानी देनेवाला भी कोई नहीं है। निजी अस्पतालों में इलाज के लिए लाखों रुपए चाहिएं जो गरीब जनता के पास नहीं है।अगर केंद्र सरकार भी अपनी ड्यूटी नहीं निभाती तो सुप्रीम कोर्ट इस मामले का संज्ञान लेकर पहले अस्पतालों का निरीक्षण करवाए। अब सिर्फ गाल बजाने और एक दूसरे पर आरोप लगाने से लोगों का जीवन नहीं बचने वाला। यह बात तो पूरी तरह से साबित हो ही चुकी है कि दिल्ली सरकार ने सिर्फ झूठ बोला और करोड़ों रुपए प्रचार पर खर्च करके जनता को मौत के कुएं में धकेल दिया है। सरकारी अस्पतालों में जो कोरोना संक्रमितों की दयनीय स्थिति है और लाशों की दुर्दशा की जा रही वो इंसानियत को शर्मशार करने वाली है।(वॉयस ऑफ भारत)
टॉप न्यूज़
अलवर:जिलाधीश और एस पी पदों पर तैनात हुई महिला अधिकारियों को कड़ी चुनौतियों से निपटना होगा।।
दुशमनों के साथ सीमा पर तो सेना लड़ेगी पर देश के अंदर आर्थिक मोर्चे पर हमें लड़ना होगा।
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दिल्ली में इलाज़ करने की बजाए नए शमशानों का हो रहा निर्माण। सरकार के सभी दावे झूठे?
दंगे के आरोपी ताहिर हुसैन का पक्ष लेनेवाले अमानातुल्लाह पर केजरीवाल चुप क्यों हैं?
निरीह पशुओं के क्रूर हत्यारे शिक्षित से प्राणी मात्र पर दया रखने वालाअशिक्षित समाज उत्तम है।
लड़कियां नहीं समझ पा रही लव जेहाद का सच ? प्रेमजाल में फसी छात्रा की हत्या का राज एक वर्ष बाद खुला।
आज भी हिन्दू व मन्दिर असुरक्षित क्यों ?और मुस्लमान आक्रामक और बेखौंफ क्यों ?
प्रचार पर करोड़ों रुपए बहाकर गिरगिट दिल्ली में लड़ रही कोरोना से जंग।परिणाम जनता भुगतेगी।
संपादक का नजरिया
दिल्ली सरकार के कोरोना से बचाव के खोखले दावों की सिपाही अमित की मौत ने उड़ाई धज्जियां।
दिल्ली (अश्विनी भाटिया)/ देश की राजधानी में एक ओर कोरोना संक्रमण तेजी से लोगों को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यहां की लचर चिकित्सा प्रणाली भी जवाब देती जा रही है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार के हवाई दावों की पोल तो दिल्ली पुलिस के कोरोना से संक्रमित सिपाही अमित राणा की मौत से भी खुल गई है।महामारी से बचाव के लिए लोगों की सेवा में लगे इस कर्मवीर को समय पर कोई चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई और यह अकाल ही मौत के मुंह में समा गया। इस कर्मवीर को हम सलाम करते हैं और राजधानी की प्रशासनिक लापरवाही की निंदा भी करते हैं।
दिल्ली एन सी आर
गीता भवन में हॉऊस - टैक्स कैम्प में बड़ी संख्या में लोगों ने पैनल्टी माफ़ी योजना का लाभ उठाया।
शाहदरा [रमन भाटिया ] यहां गीता भवन ,भोलानाथ नगर में 2 फरवरी को पूर्वी दिल्ली नगर निगम के शाहदरा दक्षिणी जॉन के सम्पत्ति कर विभाग द्वारा कर संग्रह हेतु एक दिवसीय कैम्प लगाया गया। यह कैम्प शाहदरा वार्ड के निगम पार्षद और पुदिननि में सदन नेता श्री निर्मल जैन ने जनता की सुविधा के लिए लगवाया । ज्ञात हो कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा हॉऊस टैक्स के बकायादारों पर पिछले बकाया पर लगनेवाला ब्याज और पेनल्टी माफ़ योजना शुरू करके टैक्स जमा करवाने का जन अभियान शुरू किया हुआ है।
उत्तरी दिननि ठेकेदारों की बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करेगा- तिलक राज कटारिया
दिल्ली (अ. भा.) उत्तरी दिल्ली नगर निगम अपने नागरिकों को आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करवाने में अब कोई भी बाधा नहीं आने देगा। यह आश्वासन स्थायी समिति के अध्यक्ष तिलक राज कटारिया ने निगम मुख्यालय सिविक सेंटर में निगम ठेकेदारों के साथ एक बैठक के बाद कही। श्री कटारिया ने कहा कि पिछले लम्बे समय से वित्तीय संकट के कारण निगम के ठेकेदारों के किये गए काम का भुगतान न होने के कारण विकास कार्य भी अवरुद्ध हुए पड़े थे।इससे जनता को भी नागरिक सुविधाओं से वंचित होना पद रहा था।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम में करोड़ों की अवैध उगाही पर अधिकारी और पार्षद मौन क्यों ?
शाहदरा [ सजगवार्ता ] पूर्वी दिल्ली नगर निगम के अभियंताओं और अधिकारियों की खुली लूट के आगे जहां जनता विवश है वहीं निगम पार्षद नत मस्तक हुए पड़े हैं। इस स्थानीय निकाय के अंतर्गत शाहदरा उत्तरी और शाहदरा दक्षिणी जोन आते हैं और दोनों ही जोनो में कार्यरत अधिकारी मालामाल हैं जबकि दूसरी और सरकारी कोष में सफाई कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पर्याप्त धन न होने का रोना लगातार रोया जा रहा है।
तात्कालिक मुद्दा
कांग्रेस का पटेलों को आरक्षण देने का क्या फार्मूला है स्पष्ट क्यों नहीं करती ?
गुजरात में विधानसभा का चुनावी घमासान धीरे -धीरे बढ़ता जा रहा है।कांग्रेस यहां जातिवादी जहर फैलाकर चुनावी लाभ उठाना चाहती है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का गृह राज्य होने के कारण लगता नहीं की वो अपने मंसूबे में कामयाब हो पाएगी। इस चुनाव में भाजपा पुरे लाव -लश्कर के साथ उतर चुकी है और किसी भी तरह की कमी वो नहीं छोड़ना चाहती है। पटेल समुदाय को आरक्षण दिलाने के नाम पर हार्दिक पटेल कांग्रेस की नाव में सवार हो चुके हैं और इस बात का दावा करते घूम रहे हैं की इस बार गुजरात में कांग्रेस की सरकार बनेगी और पटेल समुदाय को आरक्षण देगी। अब सवाल यह उठता है कि कांग्रेस कैसे पटेल समुदाय को आरक्षण देगी क्योंकि 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है ? कांग्रेस को और विशेष रूप से इसके युवराज राहुल गाँधी को इस बात का जवाब देना ही चाहिए कि आरक्षण देने का उनका फार्मूला क्या है ?
विशेष
आज भी हिन्दू व मन्दिर असुरक्षित क्यों ?और मुस्लमान आक्रामक और बेखौंफ क्यों ?
दिल्ली/(अश्विनी भाटिया) सदियों पहले मौहम्मद बिन कासिम की भारत में घुसपैठ के साथ हिन्दूओं और उनके देव स्थानों पर जो हमले शुरू हुये वो आज तक जारी हैं ।हिन्दू सदियों से इस्लामिक बर्बरता का शिकार होता आया है और आज भी यह आतंकी सिलसिला निरंतर जारी है ।हिन्दू इस्लाम के असली घिनौने चेहरे को कल भी नहीं पहचान पाया था और आज भी नहीं पहचान पा रहा ।दौरान हिन्दुओं ने अपनी मूर्खता और सहनशीलता के कारण अपना, अपने धर्म और अपने राष्ट्र का बहुत नुकसान किया, लेकिन उसने इन सब बातों से कोई सबक नहीं सीखा ।
कुश्ती के साथ -साथ छोटे पर्दे पर भी खास मुकाम बना रहे हैं पवन दलाल
आज कुश्ती के क्षेत्र में भारत विश्व पटल पर एक ऊँचा मुकाम रखता है। कुश्ती और बॉक्सिंग में हरियाणा -पंजाब के खिलाडियों ने देश को एशियाई और ओलम्पिक खेलों में मैडल जीतकर भारत की प्रतिष्ठा को बचाया है। हरियाणा में हर छोटे -बड़े गांव की मिट्टी में पहलवान तैयार किये जा रहे हैं और सरकार भी इस ओर आर्थिक मदद देकर खिलाडियों को प्रोत्साहन देने में लगी हुयी है। TEST
कड़ी मेहनत- सच्ची लगन और मानसिक तैयारी से ही हम अपने लक्ष्य को भेद सकते हैं -गौरव वासुदेव
मुंबई माया नगरी शुरू से ही देश के युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करती रही है। इस नगरी में पुरे देश से नौजवान फ़िल्मी पर्दे पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने का सपना लेकर जाते हैं। इनकी तादाद हजारों नहीं लाखों में भी हो सकती हैं लेकिन इस भीड़ में से कुछ गिनती के लोग ही अपना सपना साकार कर पाते हैं।
अपराध
दिल्ली की चौपट होती कानून -व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते हौंसले को कौन संभालेगा ? गृहमंत्री राजनाथ जी।
दिल्ली [अश्विनी भाटिया]  देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ समय से कानून -व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। आये दिन लूटपाट ,चोरी और मारपीट की घटनाएं तो एक तरफ खुनी गैंगवार की घटनाएं का ग्राफ भी बहुत ऊपर की ओर चढ़ता जा रहा हैं। दिल्ली में पुलिस सीधे -सीधे उपराजयपाल के माध्यम से केंद्रीय गृहमंत्री के नियंत्रण में है।आश्चर्य की बात यह है कि गृहमत्री सहित देश का पूरा केंद्रीय शासन और प्रशासन भी दिल्ली में होने के बावजूद अपराधियों पर लगाम कसने में पुलिस तंत्र फ़ेल साबित हो रहा है। अगर देश की राजधानी में कानून -व्यवस्था चौपट हो रही है तो शेष देश के स्थिति कैसी होगी यह सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। देश की आधे से ज्यादा समस्याएं पुलिस की दूषित और भ्रष्ट कार्यप्रणाली की दें हैं।
सिनेमा
कामयाबी हेतु लग्न और कड़ी मेहनत के साथ -साथ टैलेंट भी होना जरूरी है -मॉडल एवं डायरेक्टर सुमित शर्मा
आज युवाओं में एक्टिंग और मॉडलिंग में अपना कैरियर बनाने का जनून सिर चढ़ कर बोल रहा है। इस क्षेत्र में नाम के साथ -साथ पैसा भी कमाया जा सकता है। यही कारण है कि आज का युवा इस फिल्ड में अपनी किस्मत आजमाने के लिए पुरे जोश -खरोश से अपने कदम बढ़ा रहे हैं। एक अच्छे मॉडल के लिए खूबसूरत चेहरे के साथ -साथ कसरती शरीर और टैलेंट का होना भी बहुत जरूरी है होता है।अधिकांश मॉडल यही चाहते हैं कि वह भी फ़िल्मी दुनिया में प्रवेश पाकर शिखर पर पहुंचे और लोगों में उनकी एक अलग पहचान बने। इनमें से कुछ ही भाग्यशाली लोग होते हैं जो अपने बड़े सपने साकार करने में कामयाब हो पाते हैं।
मॉडलिंग से शुरू होकर हिंदी फिल्मों में अपने अभिनय कौशल से ऊँचा मुकाम बनाते अभिनेता अमित पुण्डीर
आज के युवा वर्ग में मॉडलिंग को लेकर काफी क्रेज देखा जा रहा है। बहुत से नौजवान मॉडलिंग में कैरियर बनाकर सिनेमा की दुनिया में भी प्रवेश करके एक अच्छा मुकाम हांसिल करने में सफल हुए हैं। इसी क्रम में एक नाम अमित पुण्डीर का भी है जिन्होंने अपना कैरियर मॉडलिंग से शुरू किया और अब फ़िल्मी पर्दे पर भी वह अपने अभिनय कौशल के दम पर एक अमिट छाप दर्शकों के मन -मस्तिष्क में छोड़ने में कामयाब साबित हुए हैं । उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के एक गांव में सामान्य किसान परिवार में पैदा हुए अमित ने अपनी शिक्षा -दीक्षा भी यहीं से पूरी की है।बीएससी की उपाधि लेकर मॉडलिंग में अपना भाग्य आजमानेवाले अमित ने कई नामी कंपनियों में अपना फोटो शूट दिया है जिनमें मदर डेयरी ,बिग बाजार ,एस बी आई [भारतीय स्टेट बैंक ] के आलावा कई बड़ी स्थापित कंपनियों के वह ऐड मॉडल रहे हैं। मॉडलिंग की दुनिया में अपने 11 वर्ष के सफर में अमित ने लगभग 500 से भी अधिक रैम्प शो किये हैं और अपनी प्रतिभा से अच्छा नाम भी कमाया है। इसके बाद अमित ने भी अपने असली टारगेट को प्राप्त करने के लिए फ़िल्मी नगरी मुंबई की ओर अपने कदम बढ़ा दिए। अपनी ऊँची -लम्बी कद -काठी और आकर्षक व्यक्तित्व का लोहा मनवाने में अमित फ़िल्मी पर्दे पर भी सफल रहे हैं। अमित ने अब तक दो हिंदी फिल्म -मकड़जाल द पॉलिटिक्ल ट्रैप [ Makadjal The Political Trap] और ये है पैरानॉर्मल इश्क [YEH HAI PARANORMAL IISHQ ]में अपनी महत्वपूर्ण अभिनय कला से फ़िल्मी पर्दे पर भी अपना स्थान बना लिया है। भविष्य में कई बड़े प्रोजेक्ट की फिल्मों पर भी अमित को लेकर फिल्मनिर्माता काम कर रहे रहे हैं जो शीघ्र ही प्रदर्शित होंनेवाली हैं और इनमें अमित को एक अलग रूप में दर्शक देखेंगे।
बॉडी बिल्डिंग में मिस्टर वर्ल्ड -2018 का ख़िताब पाना ही मेरा सपना -राजीव खन्ना
आजकल युवावर्ग में जिम जाकर बॉडी बनाने का जनून काफी बढ़ता जा रहा है।कई तो घंटों पसीना बहाकर अपनी बॉडी को आकर्षक आकार देकर मॉडलिंग की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं। बहुत से युवा अपनी दमदार और आकर्षक बॉडी के दम पर ही कई बड़ी कंपनियों के ब्रांड अम्बेस्डर बन चुके हैं। बॉडी बिल्डिंग के शो भी कहीं न कहीं आयोजित होते हैं जिसमें शरीर सौष्ठव प्रतियोगिता में भी वह अपने शरीर का प्रदर्शन करके सम्मान प्राप्त करते हैं। बॉडी बिल्डर,न्यूट्रिशन , जिम ट्रेनर और इंटरनेशनल फिटनेस मॉडल राजीव खन्ना का नाम मॉडलिंग की दुनिया में काफी लोकप्रिय हो चुका है।
खेल
ओलम्पिक गेम में स्वर्ण पदक जीतना ही मेरा सपना -हैटट्रिक मेन रैसलर हरप्रीत सिंह संधू
भारत के पहलवानो ने कुश्ती में अपना परचम हमेशा से ही पूरी दुनिया में फहराया है। कुश्ती हमारे देश की संस्कृति में रचा -बसा खेल है जो आदि काल से ही हमारे ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।इस भारतीय खेल को जितना प्रोत्साहन सरकारों द्वारा दिया जा रहा है अगर उसको और अधिक बढ़ा दिया जाये तो हमारे पहलवानों ने विश्व स्तरीय मुकाबले में और अच्छे परिणाम आ सकते हैं। हमारे देश में जितनी लोकप्रियता और सरकारी /गैर सरकारी प्रोत्साहन विदेशी खेल क्रिकेट को मिला है अगर उसका आधा भी हमारे पारम्परिक खेलों -कुश्ती ,कबड्डी और हॉकी को मिलता तो खेल की दुनिया में भारत का नाम सबसे ऊँचा हो सकता था।


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